Life, My Poems, Nation

Atal vs. Atal

Atal banaam Atal

मौत से मेरी फिर ठन गई 
अटल बनाम अटल (मृत्यु)
मृत्यु  के साथ अटल जी की नोक झोंक 
15 अगस्त की भोर
मौत थी खड़ी सर की ओर
मौके की तलाश में
ढूँढ रही थी पल कोई  कमजोर
वो हो रही थी बेकरार
पर अटलजी जैसे से
पाला पड़ा था फिर एक बार
बस करती रही इंतज़ार |

तभी सुनने को मिला
“तेरी मेरी तो
पहले भी ठनी थी,
तब क्या मुझे
तू नहीं समझी थी?
तब भी कहा था मैंने
तू दबे पॉंव इस तरह
चोरी छुपे ना आ,
सामने से वार कर
फिर मुझे आज़मा।”
“मौत! सुन तू अभी
और इंतज़ार कर,
आजभर तो कर ही !

घंटे मत काट यूँ गिन गिन
नहीं  झुकेगा  तिरंगा हमारा
आज के इस पावन दिन |

वैसे एक बात तो  है
लेजा सकती है
मुझे आज भी
पर ले जाना होगा
सूर्यास्त के बाद ही
उतर चुकेगा तिरंगा  स्तम्भ से
मैं भी चल लूँगा पूरे जोश से |
आज ले जाएगी
तो अहसान मान जाऊँगा
कूच के लिए
इससे बेहतर तिथि कहाँ पाऊँगा !
तू पास खड़ी है,समय पड़ा है
तो चल बतियाते हैं |
तू,मेरी तो अभी सुन ले
अपनी, रास्ते में कहती रहना
मैं भी अपने मन की बात
चाहता हूँ साझा करना !

सच यह है, अभी जाने  का
नहीं है कोई मेरा  इरादा
पर अब  वो ही जाने
क्या करेगा मेरा विधाता

मत सोच इस बुड्ढे के अब भी
क्या अरमान रह गए हैं बाकी
भगत सिंह जब चढ़े थे फांसी
आज़ादी की ईच्छा थी बाकी

मेरा भी सपना है अधूरा !
जानता हूँ
तू रुकेगी नहीं होने को पूरा
“भाजपा का कम से कम
लगातार दस साल का शासन”
नहीं पूरा हो इसका कोई  कारण
काश! नरेंद्र के शपथ ग्रहण में
दे पाता मैं  स्वागत भाषण !

नहीं रहूंगा मैं,
पर नज़र रखूँगा पूरी
आशीर्वाद है मेरा उसपर
करेगा मेरी आकांक्षाएँ पूरी
थक गया मैं, अब सोता हूँ
तू भी चाहे तो सुस्ताले
और  रहने  दे मुझे अकेला
चल देंगे कल गोधूलि बेला !
रविन्द्र कुमार करनानी 

12 thoughts on “Atal vs. Atal”

  1. “हम केवल अपने लिए ना जीएं, औरों के लिए भी जीएं…हम राष्ट्र के लिए अधिकाधिक त्याग करें। अगर भारत की दशा दयनीय है तो दुनिया में हमारा सम्मान नहीं हो सकता। किंतु यदि हम सभी दृष्टियों से सुसंपन्न हैं तो दुनिया हमारा सम्मान करेगी”

     ~अटल बिहारी वाजपेयी

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  2. Hello Karnani ji
    I am the younger sister of Sumati Sharma. I wish to thank you for supporting the originality of her work and standing against piracy. I don’t have a very creative mind but I am going to take some steps to claim my sister’s right. I will need your help.

    Liked by 1 person

    1. Shraddha ji, Shall be happy to assist. You would need to ‘take’ the help from me as I have no idea about how to ‘give’ help in this case and also how to proceed further. But shall do my best. If anywhere I feel I am unable to, I shall be frank and convey. Stay blessed.

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    2. Shraddha ji, I am distressed to note that the WordPress blog of Sumati ji seems to have been deleted. I have posted a link to this Blog only wherever I shared her poems. Surely you people know better why it has been done, but I feel it is a hasty decision. Can you give me some other link where her poems are posted?

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  3. Feel it should not have been done BUT It has already been done and, I have no idea but I dont think it can be undone: The deletion of WordPress page by your sister Sumati ji! But no harm in asking wordpress if there is such option. You never know! 🙂 My common sense tells me that these Pages and Posts by your sister were also a kind of “Proof” which no longer exist. 😦
    Do ask around to experts about ‘undelete’ ! Was trying to visit the page you sent the link for but it seems to open my Blog only. Shall try again and revert. All the best to you in your fight for justice.

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  4. अटल जी के सपने मोदी 2.0 पुरे कर रहा ☺
    आप ने 2018 में ये बात लिखी थी ….दर्शाता है हम अपनी विचारधारा से जुड़े मुद्दे के लिए कितने अड़िग है …कितने कटिबद्ध है

    अटल जी के पास बहुमत नहीं था वरना भारत आज और ऊँचा दिखाई पड़ता …यह सब 370 etc पहले ही निपट गया होता
    ये बात याद आ गई कि अटल जी ने जाते हुए भी तिरंगा झुकने न दिया☺

    बहुत सुन्दर कविता लिखी है…😊❤✨

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